ऋषि प्रसाद

सांसारिक, आध्यात्मिक उन्नति, उत्तम स्वास्थ्य, साँस्कृतिक शिक्षा, मोक्ष के सोपान – ऋषि प्रसाद। हरि ओम्।

आरती में कपूर का उपयोग क्यों ?


सनातन संस्कृति में पुरातन काल से आरती में कपूर (यह आश्रम में व समितियों केसेवाकेन्द्रों से प्राप्त हो सकता है ।) जलाने की परम्परा है । आरती के बाद आरती के ऊपर हाथघुमाकर अपनी आँखों पर लगाते हैं, जिससे दृष्टि-इन्द्रिय सक्रिय हो जाती है । पूज्य बापू जीके सत्संग-वचनामृत में आता हैः “आरती करते हैं …

Read More ..

इसी का नाम मोक्ष है


हिमालय की तराई में एक ब्रह्मनिष्ठ संत रहते थे । वहाँ का एकपहाड़ी राजा जो धर्मात्मा, नीतिवान और मुमुक्षु था, उनका शिष्य होगया और संत के पास आकर उनसे वेदांत-श्रवण किया करता था । एकबार उसके मन में एक शंका उत्पन्न हुई । उसने संत से कहाः “गुरुदेव !माया अनादि है तो उसका नाश होना …

Read More ..

अभागे आलू से सावधान !


″आलू रद्दी से रद्दी कन्द है । इसका सेवन स्वास्थ्य के लिए हितकारी नहीं है । तले हुए आलू का सेवन तो बिल्कुल ही न करें । आलू का तेल व नमक के साथ संयोग विशेष हानिकारक है । जब अकाल पड़े, आपातकाल हो और खाने को कुछ न मिले तो आलू को आग में …

Read More ..