दुःखी न होना तुम्हारे हाथ की बात है ! – पूज्य बापू जी
तुम निंदनीय काम न करो फिर भी अगर निंदा हो जाती है तो घबराने की क्या जरूरत है ? तुम अच्छे काम करो, प्रशंसा होती है तो जिसने करवाया उसको दे दो । बुरे काम हो गये तो प्रायश्चित्त करके रुको लेकिन जरा-जरा सी बात में थरथराओ मत । संसार है, कभी दुःख आयेगा, कभी …