ऋषि प्रसाद

सांसारिक, आध्यात्मिक उन्नति, उत्तम स्वास्थ्य, साँस्कृतिक शिक्षा, मोक्ष के सोपान – ऋषि प्रसाद। हरि ओम्।

आत्मबल कैसे जगायें ? – पूज्य बापू जी


हर रोज प्रातःकाल जल्दी उठकर सूर्योदय से पूर्व स्नानादि से निवृत्त हो जाओ । स्वच्छ, पवित्र स्थान में आसन बिछाकर पूर्वाभिमुख हो के पद्मासन या सुखासन में बैठ जाओ । शांत और प्रसन्न वृत्ति धारण करो । मन में दृढ़ भावना करो कि ‘मैं प्रकृति-निर्मित इस शरीर के सब अभावों को पार करके (उन अभावों …

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परमात्मप्राप्ति में बाधक असुर और उन्हें मारने के उपाय – पूज्य बापू जी


पद्म पुराण के उत्तर खंड में आया है कि जय विजय भगवान के पार्षद थे । ‘जय’ माने अहंता और ‘विजय’ माने ममता । भगवान सच्चिदानंद होने पर भी अहंता और ममता के कारण अनुभव में नहीं आते । जय विजय भगवान के पार्षद बने हुए हैं लेकिन उन्हें अपनी अहंता है, अपने पद की …

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आपका व्यक्तित्व परमानंद है


कर्म होते हैं, उनका उपादान (उपादान यानी वह सामग्री जिससे कोई वस्तु तैयार होती है, जैसे – घड़े का उपादान मिट्टी है ।) क्या है – प्रकृति, तीन गुण, ईश्वर, अनेक वस्तुओं का मिश्रण अथवा और कुछ ? इस विषय में बहुत मतभेद हैं । काल, पूर्वकर्म, स्वभाव, आकस्मिकता – अनेक प्रकार के विचार हैं …

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