ऋषि प्रसाद

सांसारिक, आध्यात्मिक उन्नति, उत्तम स्वास्थ्य, साँस्कृतिक शिक्षा, मोक्ष के सोपान – ऋषि प्रसाद। हरि ओम्।

भारत का इतिहास


संत श्री आसाराम जी बापू के सत्संग प्रवचन से हमारी संस्कृति के पाँच स्तम्भों में उसका इतिहास विशिष्ट है। 432000 वर्ष का कलियुग, 864000 वर्ष का द्वापर युग, 1326000 वर्ष का त्रेता युग, 1728000 वर्ष का सतयुग होता है। इस प्रकार कुल मिलाकर 4320000 वर्ष बीतते हैं तब एक चतुर्युगी पूरी होती है। ऐसी 71 …

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प्रार्थना की महिमा


संत श्री आसाराम जी बापू के सत्संग-प्रवचन से किसी ने कहा हैः जब और सहारे छिन जाते, कोई न किनारा मिलता है। तूफान में टूटी किश्ती का, भगवान सहारा होता है।। सच्चे हृदय की पुकार को वह हृदयस्थ परमेश्वर जरूर सुनता है, फिर पुकार चाहे किसी मानव ने की हो या किसी प्राणी ने। गज …

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तू सूर्य बन !


संत श्री आसाराम जी बापू के सत्संग प्रवचन से उत्तरायण अर्थात् सूर्य का उत्तर दिशा की और प्रयाण। जैसे मकर-सक्रान्ति से सूर्य उत्तर दिशा की तरफ प्रयाण करता है वैसे ही आपका जीवन भी उन्नति की ओर अग्रसर होता जाय….. ऋषि कहते हैं- ‘तुम सूर्य की नाईं बनो।’ कोई प्रश्न करता है कि ‘महाराज ! …

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