तुलसी मीठे वचन ते….
मधुर व्यवहार से सबके प्रिय बनिये संत श्री आशाराम जी बापू के सत्संग-प्रवचन से मीठी और हितभरी वाणी दूसरों को आनन्द, शांति और प्रेम का दान करती है और स्वयं आनन्द, शांति और प्रेम को खींचकर बुलाती है। मीठी और हितभरी वाणी से सदगुणों का पोषण होता है, मन को पवित्र शक्ति प्राप्त होती है …