ऋषि प्रसाद

सांसारिक, आध्यात्मिक उन्नति, उत्तम स्वास्थ्य, साँस्कृतिक शिक्षा, मोक्ष के सोपान – ऋषि प्रसाद। हरि ओम्।

दिल्ली की प्रसिद्ध कुतुब मीनार का सच….


हजार वर्ष से भी अधिक समय तक विदेशियों के अधीन रहने के कारण भारत के इतिहास में अनेकानेक सफेद झूठ घुसेड़ दिये गये हैं तथा वास्तविकता को जानबूझकर दबा दिया गया है। लम्बे समय से सरकारी मान्यता तथा संरक्षण में पुष्ट होने के कारण इन झूठी कथाओं पर सत्यता की  मोहर लग चुकी है। संत …

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एतत्सर्वं गुरुर्भक्त्या…..


संत श्री आशाराम जी बापू के सत्संग-प्रवचन से हम लोगों के जीवन में दो तरह के रोग होते हैं- बहिरंग और अन्तरंग। बहिरंग रोगों की चिकित्सा तो डॉक्टर लोग करते ही हैं और वे इतने दुःखदायी भी नहीं होते हैं जितने कि अन्तरंग रोग होते हैं। हमारे अन्तरंग रोग हैं काम, क्रोध, लोभ और मोह। …

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उपवास


भारतीय जीवनचर्या में व्रत एवं उपवास का विशेष महत्त्व है। इनका अनुपालन धार्मिक दृष्टि से किया जाता है परन्तु व्रतोपवास करने से शरीर भी स्वस्थ रहता है। ‘उप’ यानी समीप और ‘वास’ यानी रहना। उपवास का सही अर्थ होता है – ब्रह्म, परमात्मा के निकट रहना। उपवास का व्यावहारिक अर्थ है – निराहार रहना। निराहार …

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