ऋषि प्रसाद

सांसारिक, आध्यात्मिक उन्नति, उत्तम स्वास्थ्य, साँस्कृतिक शिक्षा, मोक्ष के सोपान – ऋषि प्रसाद। हरि ओम्।

रसायन चिकित्सा


रसायन चिकित्सा आयुर्वेद के अष्टांगों में से एक महत्त्वपूर्ण चिकित्सा है। रसायन का सीधा सम्बन्ध धातु के पोषण से है। यह केवल औषध-व्यवस्था न होकर औषधि, आहार-विहार एवं आचार का एक विशिष्ट प्रयोग है जिसका उद्देश्य शरीर में उत्तम धातुपोषण के माध्यम से दीर्घ आयुष्य, रोगप्रतिकारक शक्ति एवं उत्तम बुद्धिशक्ति को उत्पन्न करना है। स्थूल …

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मन बुद्धि को परमात्मा में लगायें….


संत श्री आसारामजी बापू के सत्संग प्रवचन से ʹश्रीमद् भगवद् गीताʹ में आया हैः मय्येव मन आधत्स्व मयि बुद्धिं निवेशय। निवसिष्यसि मय्येव अत ऊर्ध्वं न संशयः।। ʹमुझमें मन को लगा और मुझमें ही बुद्धि को लगा। इसके उपरान्त तू मुझमें ही निवास करेगा, इसमें कुछ भी संशय नहीं है।ʹ (गीताः12.2) भगवान यहाँ जो ʹमुझमेंʹ शब्द …

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भारतवासियो ! अब जागो


संत श्री आसारामजी बापू के सत्संग-प्रवचन से शास्त्रों में आता हैः पूर्वे जनुषि या नारी गर्भघातकारी ह्यभूत्। गर्भपातेन दुःखार्ता साઽत्र जन्मनि जायते।। ʹजो स्त्री पूर्वजन्म में गर्भ का घात करती है, वह इस जन्म में भी गर्भपात का दुःख भोगने वाली होती है अर्थात् उसके कोई संतान नहीं होती।ʹ अपने पेट में दवाएँ डलवाकर अथवा …

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