निर्वासनिक बनें….
संत श्री आसारामजी बापू के सत्संग-प्रवचन से ʹश्रीयोगवाशिष्ठ महारामायणʹ में आता हैः ʹहे राम जी ! बहुत शास्त्र और वेद मैं तुम्हें किसलिये सुनाऊँ और कहूँ ? वेदान्तशास्त्र का सिद्धान्त यही है कि किसी भी प्रकार से वासना से रहित हो, इसी का नाम मोक्ष है। वासनासहित का नाम बंधन है। हे राम जी जो …