ऋषि प्रसाद

सांसारिक, आध्यात्मिक उन्नति, उत्तम स्वास्थ्य, साँस्कृतिक शिक्षा, मोक्ष के सोपान – ऋषि प्रसाद। हरि ओम्।

गर्भपात महापाप


परम श्रद्धेय स्वामी श्री रामसुखदासजी महाराज जैसे ब्रह्महत्या महापाप है ऐसे गर्भपात भी महापाप है। शास्त्र में तो गर्भपात को ब्रह्महत्या से भी दुगुना पाप बताया गया है। यत्पापं ब्रह्महत्याया द्विगुणं गर्भपातने। प्रायश्चित्तं न तस्यास्ति तस्यास्त्यागो विधीयते।। (पाराशरस्मृतिः 4.20) ʹब्रह्महत्या से जो पाप लगता है, उससे दुगुना पाप गर्भपात करने से लगता है। इस गर्भपातरूपी …

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बड़े कृपालु होते हैं ब्रह्मवेत्ता सत्पुरुष


पूज्यपाद संत श्री आसारामजी बापू योगिनामपि सर्वेषां मद् गतेनान्तरात्मना। श्रद्धावान्भजते यो मां स मे युक्ततमो मतः।। ʹसब योगियों में जो भी श्रद्धावान योगी मुझ में एकत्वभाव से स्थित होता है, वह मुझे सर्वश्रेष्ठ मान्य है।ʹ (गीताः 6.47) अपनी-अपनी जगह पर योगियों का, उनके योगसामर्थ्य का महत्त्व तो है लेकिन भगवान के ʹमाम्ʹ के साथ जो …

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युक्ति से मुक्ति


पूज्यपाद संत श्री आसारामजी बापू अनपेक्षः शुचिर्दक्षः उदासीनो गतव्यथः। सर्वारम्भपरित्यागी यो मद् भक्तः स मे प्रियः।। ʹजो आकांक्षाओं से रहित, बाहर भीतर से पवित्र, दक्ष, उदासीन, व्यथा से रहित, सभी नये-नये कर्मों के आरम्भ का सर्वथा त्यागी है वह मेरा भक्त मुझे प्रिय है।ʹ (गीताः 12.16) ऐसे भक्त के पीछे भगवान फिरते हैं। कबीर जी …

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