ऋषि प्रसाद

सांसारिक, आध्यात्मिक उन्नति, उत्तम स्वास्थ्य, साँस्कृतिक शिक्षा, मोक्ष के सोपान – ऋषि प्रसाद। हरि ओम्।

…तो जो भी काम तुम करोगे उसमें सफलता मिलेगी


एक टिटिहरी ने अपने अंडे दे रखे थे समुद्र के किनारे । एक दिन समुद्र की लहर आयी और उसके अंडों को बहाकर ले गयी । अंडे जब बह गये तो उसने तुरंत काम शुरु कर दिया । क्या काम शुरु किया ? अपनी चोंच में समुद्र का पानी भर के दूर ले जाकर सूखी …

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ऐसे गुरु का ध्यान परमात्मप्राप्ति का कारण बनता है


मनुष्य-जीवन में सुख-दुःख का कारण स्वस्वरूपविस्मरण है । इसका ही नाम अज्ञान, अविद्या या माया है, जिसके कारण मनुष्य को नाना प्रकार के कष्ट भोगने पड़ते हैं । इससे छूटने का उपाय है आत्मदर्शन । आत्मदर्शन याने आत्मज्ञान अंतःशक्ति जागने से होता है । इसके लिए ऐसे गुरु की शरण जाकर उनके कृपापात्र बनना चाहिए …

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ध्यान को शौक की सब्जी मत बनाओ


असल में संसारी लोग न तो शुद्ध ध्यान चाहते हैं और न शुद्ध ज्ञान चाहते है । उनकी स्थिति तो कुछ इस प्रकार की होती हैः एक महिला बहुत मोटी थी । वज़न करने का उपाय पूछने के लिए वह गयी डॉक्टर के पास । तो डॉक्टर ने बताया कि तुम हरी-हरी सब्जी व सेब, …

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