ऋषि प्रसाद

सांसारिक, आध्यात्मिक उन्नति, उत्तम स्वास्थ्य, साँस्कृतिक शिक्षा, मोक्ष के सोपान – ऋषि प्रसाद। हरि ओम्।

सत्संग की ऐसी समझ से होता निश्चिंत व निर्दुःख जीवन – पूज्य बापू जी


ठाकुर मेघसिंह बड़े जागीरदार थे । साथ ही वे बड़े सत्संगी भी थे । सत्संग के प्रभाव से वे जानते थे कि ‘जो कुछ होता है, मंगलमय विधान से होता है, हमारे विकास के लिए होता है ।’ वे कोई वायदा करते तो जल्दबाजी में नहीं करते, विचार करके ‘हाँ’ बोलते और बोली हुई ‘हाँ’ …

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कैसे जानें कि कौन महान बनेगा ?


प्रश्नः ‘यह लड़का महान बनेगा, यह लड़की महान बनेगी’ – इसकी पहचान क्या ? पूज्य बापू जीः जो थोड़ी-थोड़ी बातों में… लॉलीपॉप, चॉकलेट या कोई अच्छी चीज दो और ज्यादा खुश हो जाय अथवा थोड़ा सा दुःख दो और ज्यादा दुःखी हो जाय वह बिल्कुल छोटा रहेगा लेकिन जो मीठी-मीठी, अच्छी चीज पाकर भी ज्यादा …

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संशय द्वन्द्व से छुटकारा कैसे पायें ?


जीवन में संशय और द्वन्द्व सदैव रहते हैं । इनसे छुटकारा कैसे हो ? संशय माने दुविधा । ‘यह ठीक है कि वह ठीक है ?’ तो द्वन्द्व है, दुविधा है, संशय है । उसकी निवृत्ति के लिए वेदांत का ज्ञान होना चाहिए क्योंकि जब तक मन में किसी कर्म के संबंध में, भोग के, …

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