ऋषि प्रसाद

सांसारिक, आध्यात्मिक उन्नति, उत्तम स्वास्थ्य, साँस्कृतिक शिक्षा, मोक्ष के सोपान – ऋषि प्रसाद। हरि ओम्।

विश्वभर में बड़े उत्साह से मनाया गया ‘मातृ-पितृ पूजन दिवस’


पिछले 14  वर्षों से बाल युवा पीढ़ी को सही दिशा दे रहे तथा जन-जन के जीवन में संयम, सदाचार, निर्दोष पतित प्रेम का संचार कर रहे ‘मातृ-पितृ पूजन दिवस’ का इस वर्ष और भी व्यापक रूप देखने को मिला । उत्तरायण के बाद से ही अपने-अपने गाँवों, शहरों के विद्यालयों-महाविद्यालयों, सोसायटियों-कॉलोनियों में प्रारम्भ हुआ मातृ-पितृ …

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छाया रहा मातृ-पितृ पूजन दिवस


मातृ-पितृ पूजन दिवस को न केवल धार्मिक, सामाजिक संस्थाओं व गणमान्यों ने सराहा, मनाया बल्कि इसे शासकीय स्तर भी मनाया गया । गुजरात तथा मध्य प्रदेश के कई जिलों के विद्यालयों में मातृ-पितृ पूजन दिवस मनाने के परिपत्रक भी जारी हुए । समाचार पत्रों एवं न्यूज़ चैनलों में भी इस कार्यक्रमों ने बहुत प्रशंसा पायी …

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साधकों की जिज्ञासा, पूज्य बापू जी का समाधान


साधकः शास्त्रों में, सत्संग में आता है कि ‘जगत है ही नहीं’ पर जगत तो प्रत्यक्ष दिखता है, यह कैसे ? पूज्य बापू जीः श्रीराम जी के गुरुदेव महर्षि वसिष्ठजी कहते हैं- “जगत है ही नहीं ।” जैसे जिस समय सपना दिख रहा है उस समय ‘यह सपना है, यह दिख रहा जगत वास्तव में …

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