पूज्य बापूजी की यह चमत्कारिक लीला आपको आंनद रस में विभोर कर देगी घटना 1975 की..
जो दैवीय गुरु के चरणों में आश्रय लेता है वह गुरु की कृपा से अध्यात्मिक मार्ग में आने वाले तमाम विघ्नों को पार कर जायेगा । योग के लिए श्रेष्ठ एकांत गुरु का निवास स्थान है । शिष्य के साथ गुरु रहते नहीं हों तो ऐसा एकांत सच्चा एकांत नहीं है । ऐसा एकांत काम …