Gurubhaktiyog

अर्जुन देव जी का वह अनोखा शिष्य (भाग -3)


कल हमने सुना कि पहलवान मस्कीनिया अखाड़े में आकर कहने लगा कोई है जो मुझसे लड़ेगा लेकिन तभी “मस्कीनिया पहलवान मैं भिडूंगा तुम्हारे साथ” ऐसी आवाज आई । सबकी गर्दनें उस आवाज़ की तरफ उठ गई, इसी सोच के साथ कि शेर को ललकारने वाला यह कौन बब्बर शेर है, परन्तु यह क्या सामने तो …

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अर्जुनदेव जी का वह अनोखा शिष्य (भाग-2)


कल हमने पढ़ा कि लाहौर का सेठ गुरु के सेठ से मिलने के लिए निकल पड़ा । सेठ की शाही बग्गी गांव के अंदर दाखिल हुई और एक बड़े से पेड़ के पास रुक गई । वहां कई बुजुर्ग और युवकों की मंडलियां ताश के पत्तों से खिलवाड़ कर रही थी । सेठ ने रोबीले …

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अर्जुनदेव जी का वह अनोखा शिष्य (भाग-1)


जो कोई मनुष्य दुखों से पार होकर सुख एवम् आंनद प्राप्त करना चाहता हो उसे सच्चे अंतः कर्ण से गुरुभक्ति योग का अभ्यास करना चाहिए । आपके लिए केवल इतना ही आवश्यक है कि गुरुभक्तियोग के मार्ग में अंतः कर्ण पूर्वक प्रमाणिक प्रयत्न करना है । मोटी बुद्धि का विद्यार्थी गुरुभक्तियोग के अभ्यास में किसी …

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