Gurubhaktiyog

सत्संग के दो वचनों का कमाल


◆जो अपने आपको विषय विकारों में, चिंताओं में, दुःखों में धकेलता है, वह अंधकूप में गिरता है और जो अपने आपको भगवत्प्रकाश में, भगवद्ज्ञान में, भगवत्शांति में, भगवन्माधुर्य में, भगवत्प्रेम में पहुँचाता है, वह वास्तव में मनुष्य जीवन का फल पाता है। मनुष्य जीवन में दो चीजें नितांत आवश्यक हैं – बुद्धि और श्रद्धा। बिना …

Read More ..

गुरुद्वार का सेवा का कैसा अद्भुत प्रभाव


मुझे 2005 से ऋषिप्रसाद की सेवा का सौभाग्य मिल रहा है | 2013 में मुझे स्लिप्ड डिस्क की समस्या हो गयी थी | पैरों और कमर में बहुत पीड़ा होती थी , ठीक से चल नहीं पाती थी | ऋषिप्रसाद की सेवा के तहत 2018 में मुझे पूज्य श्री के दिव्य तपःस्थली वाटिका में मंत्र …

Read More ..

क्या जाने वो कैसो रे………


(भगवत्पाद साँईं श्री लीलाशाह जी महाराज ) ◆ ब्रह्मज्ञानी महापुरुषों के क्रियाकलाप सहज होते हैं। उनके श्रीमुख से निकली सहज वाणी ओभी ईश्वरीय वाणी होती है। उससे कितनों का भला हो जाता है, इसका प्रत्यक्ष उदाहरण है यह घटना एक बार जेतपुर (गुजरात) में ‘अखिल भारत लोअर सिंध पंचायत’ का सम्मेलन था, जहाँ साँईं श्री …

Read More ..