Gurubhaktiyog

शिष्य की कसौटी, सत्ता-बलवन्द का अहम…(भाग-4)


अब तक हमने जाना कि सत्ता और बलवन्द कोढ़ के रोग से ग्रस्त हो गये। गुरू निंदा करने के कारण, गुरु से द्वेष करने के कारण उन्हे खुब पीड़ा होती। यहाँ तक कि श्वास लेने मे भी उन्हे पीङा होती लेकिन एक दिन उनकी पतझड़ भरी जिंदगी में फिर से वसंत ने दस्तक दी। एक …

Read More ..

भाई लद्धा की गुरूभक्ति व सत्ता और बलवन्द अहंकार …….(भाग-3)


अब तक हमने पढ़ा कि गुरु अर्जुनदेव जी के दरबार के दो गवैया सत्ता और बलवन्द उन्हें अपने हुनर पर योग्यता पर बड़ा अभिमान था और उनकी इच्छा अनुसार उन्हें उनकी बहन की शादी धूमधाम से करवानी थी उनकी इच्छा गुरु द्वारा पूर्ण न होने पर अपने अभिमान के वशीभूत होकर उन्होंने गुरुदरबार छोड़ने का …

Read More ..

शिष्य की कसौटी, सत्ता और बलवन्द का अहम…(भाग-2)


कल हमने पढ़ा कि बहन की शादी के लिए सत्ता और बलवन्द ने गुरु से धन राशि मांगी। गुरु द्वारा पर्याप्त धन न मिलने पर दोनों भाइयों ने अपना मन खराब करना शुरू किया। सत्ता कहता है कि- मैं तो कोस रहा हूँ उस दिन को जब हम गुरु के चाकर बने कहाँ फंस गए …

Read More ..