ऋषि प्रसाद

सांसारिक, आध्यात्मिक उन्नति, उत्तम स्वास्थ्य, साँस्कृतिक शिक्षा, मोक्ष के सोपान – ऋषि प्रसाद। हरि ओम्।

पूर्ण विकास की 16 सीढ़ीयाँ-पूज्य बापू जी


ये 16 बातें समझ  लें तो आपका पूर्ण विकास चुटकी में होगाः 1.आत्मबलः अपना आत्मबल विकसित करने के लिए ‘ॐ….ॐ….ॐ….ॐ….’ ऐसा जप करें। 2.दृढ़ संकल्पः कोई भी निर्णय लें तो पहले तीसरे नेत्र पर (भ्रूमध्य में आज्ञाचक्र पर) ध्यान करें और निर्णय लें और एक बार कोई भी छोटे मोटे काम का संकल्प करें तो …

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भारी कुप्रचार में भी डटे रहे संत टेऊँराम जी के साधक


(संत टेऊँराम जयंतीः 18 जुलाई 2018) सिंध प्रांत में एक महान संत हो गये – साँईं संत टेऊँराम जी। ये दृष्टिमात्र से लोगों में शांति व आनंद का संचार कर देते थे। इनका सान्निध्य पाकर लोग खुशहाल रहते थे। (ब्रह्मज्ञानी संत की कृपादृष्टि व सान्निध्य से कैसी अनुभूतियाँ होती हैं यह पूज्य बापू जी के …

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जीवनपथ को कल्याणमय बनाने के लिए


ऋग्वेद (मंडल 5, सूक्त 51, मंत्र 15) में आता हैः स्वस्ति पन्थामनु चरेम सूर्याचन्द्रमसाविद। पुनर्ददताघ्नता जानता सङ्गमेमहि।। हम लोग सूर्य और चन्द्रमा की तरह कल्याणमय, मंगलमय मार्गों पर चलें। ‘ददता’ अर्थात् लोगों को कुछ-न-कुछ हितकर देते हुए, बाँटते हुए चलें। ‘अघ्नता’ अर्थात् किसी का अहित न करते हुए, तन-मन-वचन से किसी को पीड़ा न पहुँचाते …

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