ऋषि प्रसाद

सांसारिक, आध्यात्मिक उन्नति, उत्तम स्वास्थ्य, साँस्कृतिक शिक्षा, मोक्ष के सोपान – ऋषि प्रसाद। हरि ओम्।

सम्पन्न घरों के कुशाग्र बच्चों की ऐसी दुर्दशा क्यों ?


अमेरिकन विश्वप्रसिद्ध साहित्यकार मार्क ट्वेन का चौंकाने वाला खुलासा हर माँ-बाप चाहते हैं कि उनके बच्चे बड़े होकर उनके परिवार का नाम रोशन करने वाले बनें लेकिन ऐसी कौन सी कमी रह जाती है कि माँ-बाप जिन बच्चों को ऊँची शिक्षा दिलाने हेतु सब कुछ करते हैं वे ही बच्चे चोरी, धोखाधड़ी, नशाखोरी, स्वेच्छाचार आदि …

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वह अपने चरित्र का विनाश नहीं कर सकता


अधिक धन होने से, अधिक शिक्षा से, उच्च पद मिलने से चरित्र की शुद्धि नहीं होती है। आज की उच्च शिक्षा पाकर लोग एक दूसरे पर कुर्सी चलाते हैं, गाली-गलौज करते हैं, एक दूसरे के विरूद्ध दुरालोचना छपवाते हैं क्योंकि आज शिक्षा में यह संस्कार नहीं रह गया है। जिस देह को लेकर मनुष्य यह …

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महाबलवान है मन, भगवान बताते हैं उसे जीतने का रहस्य


संत एकनाथ जी महाराज द्वारा विरचित सद्ग्रंथ ‘श्रीमद् एकनाथी भागवत’ (अध्याय 23) में एक महानतम रहस्य का उद्घाटन करने से पूर्व मन की चालबाजी का प्रतिपादन करते हुए भगवान श्रीकृष्ण उद्धवजी से कहते हैं- “मन ने सबको अपने वश में किया है किंतु मन किसी के वश में नहीं रहता। इन्द्रियों का स्वामी है मन …

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