13 प्रबल शत्रुओं की उत्पत्ति और विनाश कैसे ?
एक बार युधिष्ठिर ने भीष्म पितामह से पूछाः “पितामह ! क्रोध, काम, शोक, मोह, विधित्सा (शास्त्र विरुद्ध काम करने की इच्छा), परासुता (दूसरों को मारने की इच्छा), मद, लोभ, मात्सर्य, ईर्ष्या, निंदा, दोषदृष्टि और कंजूसी (दैन्य भाव) – ये दोष किससे उत्पन्न होते हैं ?” भीष्म जी बोलेः “महाराज युधिष्ठिर ! ये तेरह दोष प्राणियों …