गुरुकृपा से जीवन-परिवर्तन
साध्वी रेखा बहन 20 साल पहले दीवाली के दिनों में शिविर भरने मेरी बड़ी बहने उल्हासनगर से अहमदाबाद आ रही थीं तो मैं भी घूमने के बहाने आ गयी। आश्रम में बहुत भीड़ थी और मैंने पूज्य बापू जी को कभी प्रत्यक्ष नहीं देखा था। प्राणायाम, ॐकार का गुंजन आदि के लिए तो मुझे लगता …