ऋषि प्रसाद

सांसारिक, आध्यात्मिक उन्नति, उत्तम स्वास्थ्य, साँस्कृतिक शिक्षा, मोक्ष के सोपान – ऋषि प्रसाद। हरि ओम्।

जन्माष्टमी व्रत-उपवास की महिमा – पूज्य बापू जी


(श्री कृष्णजन्माष्टमीः 17 अगस्त 2014) जन्माष्टमी का व्रत रखना चाहिए, बड़ा लाभ होता है। इससे सात जन्मों के पाप-ताप मिटते हैं। जन्माष्टमी एक तो उत्सव है, दूसरा महान पर्व है, तीसरा महान व्रत-उपवास और पावन दिन भी है। ‘वायु-पुराण’ में और कई ग्रंथों में जन्माष्टमी के दिन की महिमा लिखी है। ‘जो जन्माष्टमी की रात्रि …

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आत्मा-परमात्मा को जोड़ने का सिमकार्डः गुरुमंत्र


पूज्य बापू जी संत कबीर जी ने कहाः सदगुरु मेरा शूरमा, करे शब्द की चोट। मारे गोला प्रेम का, हरे भरम की कोट।। जब सदगुरु के द्वारा मंत्रदीक्षा मिलती है तो आधी साधना तो उसी दिन सम्पन्न हो जाती है। जैसे तुम्हारे घर बिजली का साधारण तार आये या मोटा तार भी हो लेकिन उतना …

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विश्वप्रेम की जाग्रत मूर्ति हैं सदगुरुदेव – पूज्य बापू जी


  (गुरु पूर्णिमाः 12 जुलाई 2014) सदगुरु-महिमा गुरु के बिना आत्मा-परमात्मा का ज्ञान नहीं होता है। आत्मा परमात्मा का ज्ञान नहीं हुआ तो मनुष्य पशु जैसा है। खाने-पीने का ज्ञान तो कुत्ते को भी है। कीड़ी को भी पता है कि क्या खाना, क्या नहीं खाना है, किधर रहना, किधर से भाग जाना। किधर पूँछ …

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