ऋषि प्रसाद

सांसारिक, आध्यात्मिक उन्नति, उत्तम स्वास्थ्य, साँस्कृतिक शिक्षा, मोक्ष के सोपान – ऋषि प्रसाद। हरि ओम्।

‘हरि’ की महिमा अपरम्पार


पूज्य बापू जी इंदिरा गाँधी जिनके चरणों में मत्था टेकती थी वे आनंदमयी माँ अपने आश्रम में भी आयी थीं। मैं भी उनके आश्रम में आता-जाता रहता। इंदिरा गाँधी की गुरु आनंदमयी माँ जहाँ मत्था टेकती थीं वे थे हरि बाबा। एक बार हरि बाबा यात्रा करते हुए कहीं जा रहे थे। रास्ते में एक …

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राष्ट्र-विखंडन का कूटनीतिक षड्यंत्र


यूरी एक्जेन्ड्रोविच बेज्मेनोव, रूस, केजीबी के पूर्व प्रचार एजेंट व विशेषज्ञ किसी देश की सैद्धान्तिक विचारधारा का नष्टीकरण यह एक खुल्लम-खुल्ला तरीका है जिसके जरिये किसी भी देश, जाति, धर्म के सिद्धान्त, विचारधारा और व्यवस्था का नाश करके दुसरे देश की विचारधारा और व्यवस्था स्थापित की जाती है। सोवियत रूस की जासूस एजेंसी केजीबी का …

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‘प्रणव’ (ॐ) की महिमा


चतुर्दशी आर्द्रा नक्षत्र योगः सूत जी ने ऋषियों से कहाः “महर्षियो ! ‘प्र’ नाम है प्रकृति से उत्पन्न संसाररूपी महासागर का। प्रणव इससे पार करने के लिए (नव)  नाव है। इसलिए इस ॐकार को ‘प्रणव’ की संज्ञा देते हैं। ॐकार अपना जप करने वाले साधकों से कहता है- ‘प्र-प्रपंच, न-नहीं है, वः-तुम  लोगों के लिए।’ …

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