मेरा उद्देश्य भी वही है – पूज्य बापू जी
जन्माष्टमी श्रीकृष्ण का यश बढ़ाने वाली है, ऐसा मैं नहीं मानता हूँ। यह तो श्रीकृष्ण के अनुभव से मानवता का मंगल करने वाली है, ऐसा मेरा अपना मंतव्य है। दुनिया के हर मजहब, पंथ सम्प्रदाय का पुजारी इस अटपटे और अनोखे, रसमय अवतार के अनुभव से बहुत कुछ समझ सकता है। श्रीकृष्ण ऐसे समर्थ हैं …