ऋषि प्रसाद

सांसारिक, आध्यात्मिक उन्नति, उत्तम स्वास्थ्य, साँस्कृतिक शिक्षा, मोक्ष के सोपान – ऋषि प्रसाद। हरि ओम्।

दुःखों की कमी नहीं फिर भी दुःखी नहीं ! – पूज्य बापू जी


(श्री कृष्ण जन्माष्टमीः 28 अगस्त 2013) श्रीकृष्ण के जीवन में आध्यात्मिक उन्नति व वैदिक ज्ञान ऐसा था कि नास्तिक लोग भी उनको योगिराज, नीतिज्ञशिरोमणि, उच्च दार्शनिक मानते थे। मुसलमानों में भी रसखान, ताज बेगम, रेहाना तैयय्यब और रहीम खानखाना आदि लोगों ने श्री कृष्ण की भक्ति और प्रशंसा करके अपना जीवन धन्य किया। श्रीकृष्ण संघर्षों …

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आयु अनुसार विशेष आहार


शरीर को स्वस्थ व मजबूत बनाने के लिए प्रोटीन्स, विटामिन्स व खनिज (Minerals) युक्त  पोषक पदार्थों की आवश्यकता जीवनभर होती है। विभिन्न आयुवर्गों हेतु विभिन्न पोषक तत्त्व जरूरी होते हैं, किस उम्र में कौन-सा तत्त्व सर्वाधिक आवश्यक है यह दिया जा रहा है। जन्म से लेकर 5 वर्ष की आयु तकः इस उम्र में बच्चों …

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संत की करें जो निंदा, उन्हें होना पड़े शर्मिन्दा


(संत तुलसीदास जी जयंतीः 13 अगस्त) संत तुलसीदास जी काशी में प्रवचन करते थे। दूर-दूर तक उनकी ख्याती फैल चुकी थी। कहते हैं जहाँ गुलाब वहाँ काँटे, जहाँ चन्दन वहाँ विषैले सर्प, ऐसे ही जहाँ सर्वसुहृद लोकसंत वहाँ निंदक-कुप्रचारकों का होना स्वाभाविक है। उसमें भी विधर्मियों की साजिश के तहत हमारे ही संतों के खिलाफ, …

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