संस्कार ही सही और गलत राह पर ले जाते हैं – पूज्य बापू जी
जीवन में सावधानी नहीं है तो जिससे सुख मिलेगा उसके प्रति राग हो जायेगा और जिससे दुःख मिलेगा उसके प्रति द्वेष हो जायेगा। इससे इससे अनजाने में ही चित्त में संस्कार जमा होते जायेंगे एवं वे ही संस्कार जन्म मरण का कारण बन जायेंगे। ʹयहाँ सुख होगाʹ ऐसी जब अंतःकरण में संस्कार की धारा चलती …