ऋषि प्रसाद

सांसारिक, आध्यात्मिक उन्नति, उत्तम स्वास्थ्य, साँस्कृतिक शिक्षा, मोक्ष के सोपान – ऋषि प्रसाद। हरि ओम्।

गुणों के चक्र से परे हैं आप !


पराशरजी अपने जिज्ञासु शिष्य मैत्रेय को संसार-चक्र से निकलने की सरल युक्ति बताते हुए कहते हैं- “हे शिष्य ! जैसे आकाश में सप्त ऋषियों से लेकर सूर्य, चन्द्र आदि नक्षत्र तथा तारामंडल का चक्र दिन रात घूमता रहता है परंतु ध्रुव तारा अचल, एकरस रहता है। यदि अन्य तारों की तरह ध्रुव भी चलायमान होता …

Read More ..

आत्मविकास के 15 साधन – पूज्य बापू जी


आत्मविकास करना हो, आत्मबल बढ़ाना हो और अपना कल्याण करना हो तो विद्यार्थियों को 15 बातों पर ध्यान देना चाहिए। संकल्पः संकल्प में अथाह सामर्थ्य है। दृढ़ संकल्पवान मनुष्य हर क्षेत्र में सफल और हर किसी का प्यारा हो सकता है। आत्मबल बढ़ाने के लिए कोई भी छोटा-मोटा जो जरूरी है, वह संकल्प करें। दृढ़ताः …

Read More ..

होटलों में और शराब बनाने में बरबाद हो जाता है लाखों लीटर पानी


संत आशारामजी बापू का दो दिवसीय सत्संगः ट्रेन में सवार हो खेली होली दैनिक भास्कर, जयपुर, 22 मार्च। संत आशारामजी बापू ने कहा कि फाइव स्टार होटलों में और शराब बनाने में लाखों लीटर पानी बरबाद हो जाता है। हम साल में एक बार पलाश के फूलों की होली खेलते हैं तो हिन्दू विरोधी शक्तियाँ …

Read More ..