ऋषि प्रसाद

सांसारिक, आध्यात्मिक उन्नति, उत्तम स्वास्थ्य, साँस्कृतिक शिक्षा, मोक्ष के सोपान – ऋषि प्रसाद। हरि ओम्।

अपना जन्म-कर्म दिव्य बनाओ – पूज्य बापू जी


(विश्ववंदनीय पूज्य संत श्री आशारामजी बापू का 74वाँ अवतरण दिवसः 1मई) भगवान व भगवान को पाये हुए संत करूणा से अवतरित होते हैं इसलिए उनका जन्म दिव्य होता है। सामान्य आदमी स्वार्थ से कर्म करता है और भगवान व संत लोगों के मंगल की, हित की भावना से कर्म करते हैं। वे कर्म करने की …

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अक्षय फलदायी अक्षय तृतीया


वैशाख शुक्ल तृतिया की महिमा मत्स्य, स्कंद, भविष्य, नारद पुराणों व महाभारत आदि ग्रंथों में है। इस दिन किये गये पुण्यकर्म अक्षय (जिसका क्षय न हो) व अनंत फलदायी होते हैं, अतः इसे ʹअक्षय तृतीयाʹ कहते हैं। यह सर्व सौभाग्यप्रद है। यह युगादि तिथि यानी सतयुग व त्रेता युग की प्रारम्भ तिथि है। श्रीविष्णु का …

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तीर्थ में पालने योग्य 12 नियम – पूज्य बापू जी


अश्वमेधसहस्राणि वाजपेयशतानि च। लक्षं प्रदक्षिणा भूमेः कुम्भस्नानेतत्फलम्।। ʹहजारों अश्वमेध यज्ञ, सैंकड़ों वाजपेय यज्ञ और लाखों बार पृथ्वी की प्रदक्षिणा करने से जो फल होता है, वही फल एक बार कुम्भ स्नान करने से प्राप्त हो जाता है।ʹ तीर्थ में 12 नियम अगर कोई पालता है तो उसे तीर्थ का पूरा फायदा होता हैः हाथों का …

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