ऋषि प्रसाद

सांसारिक, आध्यात्मिक उन्नति, उत्तम स्वास्थ्य, साँस्कृतिक शिक्षा, मोक्ष के सोपान – ऋषि प्रसाद। हरि ओम्।

दुःखी कब होना चाहिए ?


(पूज्य बापू जी की पावन अमृतवाणी) अवंति प्रदेश में कुरघर नगर है। वहाँ कोटिकर्ण नाम के एक साधु रहते थे। एक बार कातियानी उन साधु के दर्शन करने गयी। कोटिकर्ण परमात्मा में डुबकी मारकर बोलते थे। अतः उनका उपदेश सुनकर उसके चित्त को शांति मिली। कोटिकर्ण जहाँ प्रवचन कर रहे थे, वहाँ एक दीया जल …

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औषधीय गुणों से सम्पन्नः अनानास


अनानास पाचक तत्त्वों से भरपूर, शरीर को शीघ्र ही ताजगी देने वाला, हृदय व मस्तिष्क को शक्ति देने वाला, कृमिनाशक, स्फूर्तिदायी फल है। यह वर्ण में निखार लाता है। गर्मी में इसके उपयोग से ताजगी व ठंडक मिलती है। अनानास के रस में प्रोटीनयुक्त पदार्थों को पचाने की क्षमता है। यह आँतों को सशक्त बनाता …

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अडिग विश्वास से असम्भव भी सम्भव


(पूज्य बापू जी की रसमय अमृतवाणी) सन् 1938 की बात है। वाराणसी जिले में महुअर गाँव है। वहाँ के जमींदार देवनाथ सिंह एकदम अनपढ़ थे। सुदर्शन सिंह ʹचक्रʹ, जिनके लेख गीता प्रेस के साहित्य में आते थे, उनसे देवनाथ मिले और कहाः “मैं गीता पढ़ना चाहता हूँ पर अनपढ़ हूँ। इस बड़ी उम्र में किसी …

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