ऋषि प्रसाद

सांसारिक, आध्यात्मिक उन्नति, उत्तम स्वास्थ्य, साँस्कृतिक शिक्षा, मोक्ष के सोपान – ऋषि प्रसाद। हरि ओम्।

जितनी जिम्मेदारी और तत्परता, उतना विकास – पूज्य बापू जी


सत्संग को पाने और समझने के लिए तो राजे-महाराजे राजपाट छोड़कर सिर में खाक डाल के, हाथ में झाड़ू ले के सफाई करने या बर्तन माँजने की सेवा हो तो वह भी स्वीकार करके ब्रह्मवेत्ता गुरुओं को रिझाते थे तब उनको ज्ञान मिलता था । हम भी गुरुद्वार पर बर्तन माँजने की सेवा करते थे …

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ऋषि प्रसाद सेवाधारियों को पूज्य बापू जी का अनमोल प्रसाद


इस प्रसाद के आगे करोड़ रुपये की भी कीमत नहीं (ऋषि प्रसाद जयंतीः 23 जुलाई 2021) ऋषि प्रसाद के सेवाधारियों को मैं ‘शाबाश’ देने से इन्कार कर रहा हूँ । न शाबाश देना है, न धन्यवाद देना है और न ही कोई चीज़-वस्तु या प्रमाणपत्र देना है क्योंकि दी हुई चीज तो छूट जायेगी । …

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अविश्वास की सजा ! – पूज्य बापू जी


एक जिज्ञासु भक्त किन्हीं महात्मा के पास गया और बोलाः “बाबा ! मैं पापी हूँ, कामी हूँ, क्रोधी हूँ, लोभी हूँ, मोही हूँ, संसारी हूँ, फँसा हूँ । महाराज ! मुझे इस दलदल से निकाल लीजिये, मुक्ति का मार्ग दिखाइये ।” महाराज ने कहाः “ये मान्यताएँ छोड़ दे ! मैं कामी हूँ, मैं क्रोधी हूँ, …

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