ऋषि प्रसाद

सांसारिक, आध्यात्मिक उन्नति, उत्तम स्वास्थ्य, साँस्कृतिक शिक्षा, मोक्ष के सोपान – ऋषि प्रसाद। हरि ओम्।

भक्तों के भगवान


(पूज्य बापू जी के सत्संग-प्रवचन से) महाराष्ट में केशव स्वामी नाम के एक महात्मा हो गये। वे जानते थे कि भगवन्नाम जपने से कलियुग के दोष दूर हो जाते हैं। यदि कोई शुरु में होठों से भगवान का नाम जपे, फिर कंठ में, फिर हृदय से जपे और नाम के अर्थ में लग जाय तो …

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भगवान को अपना माने बिना तुम्हारी खैर नहीं !


(पूज्य बापू जी की हृदय स्पर्शी अमृतवाणी) भगवान को अपना माने बिना तुम्हारी खैर नहीं ! जिसको भगवान अपने नहीं लगते उसको माया ऐसा बिलो देती है, ऐसा मथ देती है कि तौबा-तौबा ! आया काम तो सारे शरीर को मथ के निचोड़ डालेगा। आया क्रोध तो सारे शरीर को मथ के सिर में गर्मी …

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अंधकार में अवतार लिया प्रकाशमय जग को किया


श्री कृष्ण जन्माष्टमीः 2 सितम्बर 2010 (पूज्यपाद बापू जी के सत्संग-प्रवचन से) भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी की रात… बारिश हो रही है और वसुदेव – देवकी कारागार में हैं…. उनके रिश्तेदार भय और आतंक से आतंकित हैं, दुःख में हैं, शोषित हो रहे हैं। ऐसों के यहाँ आने के लिए भगवान श्रीकृष्ण …

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