माता पिता परम आदरणीय
(पूज्य बापू जी के सत्संग प्रवचन से) एक पिता अपने छोटे से पुत्र को गोद में लिए बैठा था। कहीं से उड़कर एक कौआ उनके सामने छज्जे पर बैठ गया। पुत्र ने पिता से पूछाः “पापा ! यह क्या है ?” पिताः “कौआ है।” पुत्र ने फिर पूछाः “यह क्या है?” पिता ने कहाः “कौआ …