ऋषि प्रसाद

सांसारिक, आध्यात्मिक उन्नति, उत्तम स्वास्थ्य, साँस्कृतिक शिक्षा, मोक्ष के सोपान – ऋषि प्रसाद। हरि ओम्।

मौन का संदेश-महात्मा गाँधी


मैं दक्षिण अफ्रीका में एक मठ देखने गया था । वहाँ के अधिकांश निवासियों ने मौनव्रत ले रखा था । मैं मठ के मुख्य व्यवस्थापक से पूछा कि “इसका हेतु क्या है ?” उसने कहाः “हेतु तो प्रकट ही है – अगर हमें उस छोटी सी मूक आवाज को सुनना है, जो सदा हमारे भीतर …

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उलझो मत, मुक्त बनो


एक होता है पाशवी जीवन, आँखों ने देखी रोशनी, सुंदर लगी, परिणाम का विचार किये बिना पतंगे उड़े और दीपक में जल मरे अथवा ट्रैफिक की लाइट में कुचले गये । इसको बोलते हैं जीव-जंतु का तुच्छ जीवन । ऐसे ही आँखों ने देखा कि हरी-हरी घास है, अब डंडा लगेगा – नहीं लगेगा इसका …

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मानसिक स्वास्थ्य


मन एक व अणुस्वरूप है । मन का निवास स्थान हृदय व कार्यस्थान मस्तिष्क । इन्द्रियों तथा स्वयं को नियंत्रित करना, ऊह (प्लानिंग) व विचार करना ये मन के कार्य हैं । मन के बाद बुद्धि प्रवृत्त होती है । रज व तम मन के दोष हैं । सत्त्व अविकारी व प्रकाशक है, अतः यह …

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