ऋषि प्रसाद

सांसारिक, आध्यात्मिक उन्नति, उत्तम स्वास्थ्य, साँस्कृतिक शिक्षा, मोक्ष के सोपान – ऋषि प्रसाद। हरि ओम्।

विचार की शक्ति


पूज्य बापू जी के सत्संग-प्रवचन से गाड़ी-मोटर से, जहाज से, एटम बम से भी विचार की शक्ति ज्यादा है । विचारों से एटम बम फोड़े और रोके जाते हैं, खोजे और बनाये जाते हैं इसलिए विचारों की महत्ता है । विचार में जितना भगवान का आश्रय होगा, भगवान को पाने का विचार होगा उतना ही …

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शरीर का तीसरा उपस्तंभः ब्रह्मचर्य


ब्रह्मचर्य शरीर का तीसरा उपस्तंभ है । (पहला उपस्तंभ आहार व दूसरा निद्रा है, जिनका वर्णन पिछले अंकों में किया गया है । ) शरीर, मन, बुद्धि व इन्द्रियो को आहार से पुष्टि, निद्रा, मन, बुद्धि व इऩ्द्रियों को आहार से पुष्टि, निद्रा से विश्रांति व ब्रह्मचर्य से बल की प्राप्ति होती है । ब्रह्मचर्य …

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चल-अचल


पूज्य बापू जी के सत्संग-प्रवचन से संत कबीर जी ने सार बात कहीः चलती चक्की देखके दिया कबीरा रोय । दो पाटन के बीच में साबित बचा न कोय ।। चक्की चले तो चालन दे तू काहे को रोय । लगा रहे जो कील से तो बाल न बाँका होय ।। चक्की में गेहूँ डालो, …

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