उनकी सहजावस्था को वे ही जानते हैं
(पूज्य बापू जी के सत्संग-प्रवचन से) एक बार एक पंडित जी श्री रमण महर्षि के पास गया और बातचीत के दौरान उसने उनसे कोई प्रश्न किया । महर्षि ने उत्तर दिया । उसने दूसरा प्रश्न किया, महर्षि ने उसका भी उत्तर दिया । लोगों के सामने अपने को विशेष दिखाने के लिए उसने फिर से …