ऋषि प्रसाद

सांसारिक, आध्यात्मिक उन्नति, उत्तम स्वास्थ्य, साँस्कृतिक शिक्षा, मोक्ष के सोपान – ऋषि प्रसाद। हरि ओम्।

श्रद्धा-विश्वास


जब आपके मन में चिंता होती है तो शरीर पर शिकन पड़ती है, भय होता है तो घिग्गी बंध जाती है। काम आने पर उत्तेजना होती है, क्रोध आने पर आँखें लाल हो जाती हैं, खाने का लोभ आने पर जीभ पर पानी आ जाता है। तो इनसे स्पष्ट है कि मनोभावों का प्रभाव शरीर …

Read More ..

शिवजी बने ज्योतिषी….


भगवान शंकर ने पार्वती जी को एक प्रसंग सुनाते हुए कहाः जब भगवान श्रीराम का प्राकट्य हुआ था, तब मैं और काकभुशुंडिजी उनके दर्शन के लिए अयोध्या गये, किंतु अयोध्या की भीड़भाड़ में हम उनके महल तक न जा पाये। मैंने सोचा कि अब कोई युक्ति आजमानी पड़ेगी ताकि हमें प्रभु के दर्शन हों। तब …

Read More ..

महात्मा की कृपा


संत श्री आसाराम जी बापू के सत्संग-प्रवचन से बिहार प्रांत की बात हैः एक लड़के के पिता मर गये थे। वह लड़का करीब 18-19 साल का होगा। उसका नाम था प्रताप। उसने अपनी भाभी से कहाः “भाभी ! जरा नमक दे दे।” भाभीः “अरे, क्या कभी नमक माँगता है तो कभी सब्जी माँगता है ? …

Read More ..