काकभुशुंडिजी चिरंजीवी कैसे हुए ?
संत श्री आसाराम जी बापू के सत्संग-प्रवचन से श्री योगवाशिष्ठ महारामायण’ के निर्वाण प्रकरण में एक प्रसंग आता है- देवताओं की सभा में देवर्षि नारद जी चिरंजीवियों की कथा सुना रहे थे। किसी कथा के प्रसंग में मुनिवर शातातप ने चिरंजीवी काकभुशुंडिजी की कथा सुनायी। तब वशिष्ठ जी को काकभुशुंडिजी से मिलने का कुतूहल हुआ …