अलख पुरुष की आरसी….
संत श्री आसाराम जी बापू के सत्संग-प्रवचन से संत कबीर से किसी ने पूछाः “हम निर्गुण-निराकार परमात्मा को तो नहीं देख सकते, फिर भी देखे बिना न रह जायें ऐसा कोई उपाय बताइये।” कबीर जी ने कहाः अलख पुरुष की आरसी, साधु का ही देह। लखा जो चाहे अलख को, इन्हीं में तू लख लेह।। …