ऋषि प्रसाद

सांसारिक, आध्यात्मिक उन्नति, उत्तम स्वास्थ्य, साँस्कृतिक शिक्षा, मोक्ष के सोपान – ऋषि प्रसाद। हरि ओम्।

महापुरुषों की युक्ति


संत श्री आशाराम जी बापू के सत्संग-प्रवचन से संसारियों को कई गुत्थियों का हल नहीं मिल पाता। यदि मिल भी जाता है तो एक को राजी करने में दूसरे को नाराज करना पड़ता है एवं नाराज हुए व्यक्ति के कोप का भाजन बनना पड़ता है। जबकि ज्ञानियों के लिए उन गुत्थियों को हल करना आसान …

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जिज्ञासा तीव्र होनी चाहिए


संत श्री आशाराम जी बापू के सत्संग प्रवचन से जिसको कुछ जानना है, वह भी दुःखी है, जिसको कुछ पाना है वह भी दुःखी है, जिसको कुछ छोड़ना है वह भी दुःखी है। कुछ पाना है और वह दूर है तो वहाँ जाना पड़ता है अथवा उसे बुलाना पड़ता है। कुछ छोड़ना है तब भी …

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चित्त को वश कैसे करें ?


संत श्री आशाराम जी बापू के सत्संग-प्रवचन से श्री योगवाशिष्ठ महारामायण में आता है किः “चित्तरूपी पिशाच भोगों की तृष्णारूपी विष से पूर्ण है और उसने फुत्कार के साथ बड़े-बड़े लोक जला दिये हैं। शम-दम आदि धैर्यरूपी कमल जल गये हैं। इस दुष्ट को और कोई नहीं मार सकता…. हे राम जी ! यह चित्त …

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