ऋषि प्रसाद

सांसारिक, आध्यात्मिक उन्नति, उत्तम स्वास्थ्य, साँस्कृतिक शिक्षा, मोक्ष के सोपान – ऋषि प्रसाद। हरि ओम्।

सदगुरु महिमा


मैं उन गुरुदेव को नमस्कार करता हूँ जो संसाररूप हाथी के लिए सिंह के समान हैं, जो संसार में तथा एकांत में समदृष्टि से सदा-सर्वदा पूर्ण बने रहने वाले हैं, जिनकी कृपा से साधकों को देह में रहते हुए भी देह दिखाई नहीं पड़ती तथा संसाररूप अन्धड़ देखते-देखते समाप्त हो जाता है, जिनके कृपाकटाक्ष से …

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परम मंगल किसमें है ?


संत श्री आसाराम जी बापू के सत्संग-प्रवचन से तन्मे मनः शिवसंकल्पमस्तु….हमारा संकल्प शिव संकल्प हो अर्थात् मंगलकारी संकल्प हो। मंगलकारी संकल्प क्या है ? परम मंगलकारी परमात्मा को पाना। मनुष्य को विचार करना चाहिए किः ʹमेरे ऐसे दिन कब आयेंगे जब मैं संसार को मिथ्या समझकर अपने शाश्वत् तत्त्व आत्मा में आराम पाऊँगा… हर्ष और …

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निद्रा और स्वास्थ्य


जब आँख, कान आदि ज्ञानेन्द्रियाँ और हाथ पैर आदि कर्मेन्द्रियाँ तथा मन अपने-अपने कार्यों में रत रहने के कारण थक जाते हैं तब नींद स्वाभाविक हो आ जाती है।  जो लोग नियत समय पर सोते और उठते हैं, उनकी शारीरिक शक्ति में ठीक से वृद्धि होती है। पाचकाग्नि प्रदीप्त होती है जिससे शरीर की धातुओं …

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