ऋषि प्रसाद

सांसारिक, आध्यात्मिक उन्नति, उत्तम स्वास्थ्य, साँस्कृतिक शिक्षा, मोक्ष के सोपान – ऋषि प्रसाद। हरि ओम्।

बालक कमाल का कमाल – पूज्य बापू जी


संत कबीर जी के पुत्र हो गये कमाल । वे छोटे थे, विद्यार्थी थे तब अपने मित्रों के साथ खेल खेलते थे । खेलकूद में कभी कोई हारे, कभी कोई जीते । तो जो जीतता था उसके दाँव बन जाते थे, जैसे कि 4 दाँव लेने बाकी हैं, 2 दाँव लेने बाकी हैं । खेलना …

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ब्रह्मवृक्ष से उठायें स्वास्थ्य – लाभ – पूज्य बापू जी


पलाश के वृक्ष को ब्रह्मवृक्ष भी कहा जाता है । कफ व पित्त के रोग, चर्मरोग, जलन, अधिक प्यास लगना, रक्त-विकार, अधिक पसीना आना तथा मूत्रकृच्छ (रुक-रुक कर पेशाब आना) आदि रोग – इन सभी में पलाश के फूल आशीर्वादरूप हैं अर्थात् ये इन रोगों को भगाते हैं । ये मानसिक शक्ति व इच्छाशक्ति वर्धक …

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स्त्री इसी साधन से अपने जीवन को धन्य बना सकती है – पूज्य बापू जी


देवर्षि नारदजी को धर्मराज युधिष्ठिर ने प्रार्थना कीः “स्त्रीधर्म क्या है ? स्त्री संसार में रहते हुए, गृहस्थ-जीवन जीते हुए कैसे परम पद पा सकती है ? उसके लिए हे देवर्षि ! आपकी वाणी सुनना चाहता हूँ ।” देवर्षि नारदजी ने परमात्मा – सनातनस्वरूप ईश्वर में, शांति में तनिक गोता मारा । ‘नारायण नारायण…’ स्मरण …

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