परिस्थितियों के प्रभाव से परे
पूज्यपाद संत श्री आसाराम जी बापू सारे जन्म-मरण मन की चंचलता और आसक्ति का फल है। सारे दुःख-क्लेश और मुसीबतों का मूल है मन की चंचलता और आसक्ति। गीता में अर्जुन कहता है श्रीकृष्ण सेः चंचलं हि मनः कृष्ण प्रमाथि बलवद् दृढ़म्। तस्याहं निग्रहं मन्ये वायोरिव सुदुष्करम्।। ʹहे कृष्ण ! यह मन बड़ा चंचल और …