काम-क्रोध से बचो – पूज्य पाद संत श्री आशारामजी बापू
अर्जुन ने भगवान श्रीकृष्ण से प्रश्न कियाः अथ केन प्रयुक्तोઽयं पापंच चरति पूरूषः। अनिच्छन्नपि वार्ष्णेय बलादिव नियोजितः।। ʹहे कृष्ण ! तो फिर यह मनुष्य स्वयं न चाहता हुआ भी बलात् लगाये हुए की भाँति किससे प्रेरित होकर पाप का आचरण करता है ?ʹ (गीताः3.36) भगवान श्रीकृष्ण ने कहाः काम एष क्रोध एष रजोगुणसमुद्भवः। महाशनो महापाप्मा विद्धयेनमिह वैरिणम्।। …