ऋषि प्रसाद

सांसारिक, आध्यात्मिक उन्नति, उत्तम स्वास्थ्य, साँस्कृतिक शिक्षा, मोक्ष के सोपान – ऋषि प्रसाद। हरि ओम्।

असंभव कुछ नहीं…. सब कुछ संभव है….


पूज्यपाद संत श्री आसारामजी बापू सन् 1910 की एक घटित घटना हैः जर्मनी का एक लड़का वुल्फ मेहफिन स्कूल में ढंग से पढ़ता न था। मास्टर की मार के भय से एक दिन वह स्कूल छोड़कर भाग गया। भागकर वह गाड़ी में जा बैठा किन्तु उसके पास टिकट नहीं था। जब टिकट चेकर टिकट चैक …

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आत्म-साक्षात्कार – पूज्यपाद संत श्री आसारामजी बापू


दिनांकः 14 अक्तूबर 1996 पूज्य श्री के आत्मसाक्षात्कार दिवस पर विशेष नष्टो मोहः स्मृतिर्लब्धा त्वत्प्रसादान्मयाच्युत। स्थितोઽस्मि गतसन्देहः करिष्ये वचनं तव।। ʹहे अच्युत ! आपकी कृपा से मेरा मोह नष्ट हो गया है और मुझे स्मृति प्राप्त हुई है। इसलिए मैं संशयरहित हुआ स्थित हूँ और आपकी आज्ञा का पालन करूँगा।ʹ (गीताः 18.73) आदमी तब तक …

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