गुरु से अपनी गलतियों की माफी माँगते बुल्लेशाहजी के जज्बात-ए-दिल (भाग-2)
कल हमने सुना कि कैसे इनायत शाह बुल्लेशाह से बिना बात किए ही अपने कुटीर की तरफ चल देते हैं । बुल्लेशाह भी रोता हुआ गुरु के कुटीर के सामने जा खड़ा होता है । बुल्लेशाह की एक-2 धड़कन अपनी नादानी को कोस रही थी । बिल्कुल हिम्मत नहीं थी गुरुदेव के करीब जाने की, …