ऋषि प्रसाद

सांसारिक, आध्यात्मिक उन्नति, उत्तम स्वास्थ्य, साँस्कृतिक शिक्षा, मोक्ष के सोपान – ऋषि प्रसाद। हरि ओम्।

यह मेरे तारणहार का तिलक है – पूज्य बापू जी


एक सेठ अपने रसोइये को डाँटते कि “तू मेरे घर का खाता है, मेरी नौकरी करता है तो जैसा मैं तिलक करता हूँ, मेरा परिवार तिलक करता है ऐसा तू भी किया कर ।” रसोइया ‘हाँ’, ‘हाँ’ कहता रहा लेकिन अपना तिलक नहीं बदला । आखिर सेठ परेशान हो गये । सेठ ने कहाः “अगर …

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प्रवृत्ति को बदलें सत्प्रवृत्ति में


स्वामी विवेकानंद जी कहते हैं- “अपने ‘मैं’ (अहं) को धन-सम्पत्ति, प्रभुत्व, नाम-यश द्वारा सर्वदा बढ़ाने का यत्न करना, जो कुछ मिले उसी को पकड़े रखना, सारे समय सभी वस्तुओं को इस ‘मैं’ रूपी केन्द्र में ही संग्रहित करना – इसी का नाम है ‘प्रवृत्ति’ ।” यह बंधनकारक है किंतु इसके बदले अगर कोई अपनी धन-सम्पत्ति, …

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सनातन धर्म ही राष्ट्रीयता है


योगी अरविन्द जयन्तीः 15 अगस्त 2019 हिन्दू धर्म क्या है ? दुनिया के सामने हिन्दू धर्म का संरक्षण और उत्थान – यही कार्य हमारे सामने हैं । परन्तु हिंदू धर्म क्या है ? वह धर्म क्या है जिसे हम सनातन धर्म कहते हैं ? वह धर्म हिन्दू धर्म इसी नाते है कि हिन्दू जाति ने …

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