ज्ञानरूपी खड्ग की प्राप्ति का मार्ग
‘श्रीमद् एकनाथी भागवत’ में भगवान श्री कृष्ण कहते हैं- साधु-संतों की सेवा करनी चाहिए। साधुओं में भी परिपूर्ण साधुत्व केवल सदगुरु के पास ही होता है इसलिए उनके चरणों की सेवा करनी चाहिए। उनके सत्संग सेवादि से संसार-बंधन टूटता है क्योंकि सदगुरु ही सच्चे साधु और सज्जन होते हैं। उनके मधुर (रसमय) आत्मवचन श्रुतियों के …