साधना में चार चाँद लगाती मानस-पूजा
(गुरु पूर्णिमाः 31 जुलाई पर विशेष) एक ऐतिहासिक घटित घटना हैः जगन्नाथ मंदिर के दर्शन करके चैतन्य महाप्रभु कुछ दिन जगन्नाथपुरी में ही रहे थे। उस समय उत्कल (ओड़िशा) के बुद्धिमान राजा प्रतापरूद्र उनके दर्शन करना चाहते थे लेकिन चैतन्य महाप्रभु ने उनकी बात ठुकरा दी। राजा ने खूब प्रयत्न किये परंतु चैतन्य महाप्रभु …