पंचम पिता निजस्वरूप में जगाते – पूज्य बापू जी
आज तक तो सुना होगा कि एक पिता, एक माता लेकिन ʹएकनाथी भागवतʹ ने तो बड़ा सूक्ष्म रहस्य खोलकर रख दिया। पाँच पिता होते हैं। एक तो माता माँ के गर्भ में गर्भाधान किया, वह जन्मदाता पिता होता है। दूसरा पिता वह होता है जिसने जन्म के बाद उपनयन संस्कार किया, मानवता की विधि …