चैतन्य महाप्रभु का भगवत्प्रेम
(पूज्य बापू जी की पावन अमृतवाणी) (श्री चैतन्य महाप्रभु जयन्तीः 8 मार्च) साधुनां दर्शनं पातकनाशनम्। संत के दर्शन से पाप नष्ट होते हैं। भगवान की जब कृपा होती है, अंतरात्मा भगवान जब प्रसन्न होते हैं तब साधु-संगति की रुचि होती है। जब द्रवै दीनदयालु राघव, साधु-संगति पाइये। (विनयपत्रिकाः 136.10) ऐतिहासिक घटित घटना हैः जगन्ननाथ मंदिर …