क्या आश्चर्य है !
महाभारत के युद्ध में अपने 100 पुत्रों और सारी सेना का संहार हो जाने से धृतराष्ट्र बड़े दुःखी हुए। उनके शोक को शांत करने के लिए धर्मात्मा विदुर जी ने मधुर, सांत्वनापूर्ण वाणी में धर्म का उपदेश दिया। तब राजा धृतराष्ट्र ने कहाः ”विदुरजी ! धर्म के इस गूढ़ रहस्य का ज्ञान बुद्धि से ही …